अप्रैल 14, 2012

दिलचस्प शिलालेख

आज भीमराव अंबेडकर जयंती है, बस आगे ये छोटी सी कविती सी ..कहाँ मिली..?? मिली समाजशास्त्र की बारहवी कक्षा की पाठ्यपुस्तक 'भारतीय समाज 'के पेज नंबर सौ पर..बॉक्स 5.4

शहर

एक दिन किसी ने बीसवीं सदी के एक शहर को खोदा और अवलोकन किया
एक दिलचस्प शिलालेख विवरण इस प्रकार था:
"यह पानी का नलका सभी जातियों और धर्मों के लिए खुला है".
इसका क्या मतलब रहा होगा:
यही न कि यह समाज बँटा हुआ था?
उनमें से कुछ की स्थिति ऊँची थी और बाकी की नीची?
ठीक है, फिर तो यह शहर दफ़न होने लायक ही था-
तो फिर लोग इसे मशीन युग क्यों कहते हैं?
यह तो बीसवीं सदी का 'पाषण युग' प्रतीत होता है.

: दया पवार

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