दिसंबर 08, 2014

फटी ज़ेब वाले लड़के का प्यार

कहानी में जबर्दस्त ट्विस्ट आन पड़ा था। वह फ़ेसबुक पर उनकी जितनी भी तस्वीरें देखता जाता, उतना ही उसे विश्वास होता जाता कि वह किसी दूसरी दुनिया से आए हुए लोगों की दुनिया है। उसकी ज़ेब में जितने पैसे नहीं होते उससे भी महँगी उन लाल-लाल होंठों को लाल करने वाली एक लिपिस्टिक की कीमत होती। हाथ में दिख रहा पर्स, मोबाइल, एक से एक बढ़िया आइटम उसकी खाने के बाद पादने की औकात से बहुत बाहर की बात होती। एकबार वह अपने सारे कपड़े बेच देने की बात पर राज़ी भी हो जाता, तब भी उस नीलामी से जुटाये पैसों में सिर्फ़ इतना हो पाता कि शादी से ऐन पहले पहाड़गंज जाकर छह टूटी चौक से मेहँदी लगाने वाली किसी उबाऊ, मुँहफट्ट, उमर में घिसी हुई किसी लड़की को दीदी कहकर घर आने के लिए राज़ी कर पाता। असल में वह किसी ऍड की फ़िराक में था। पर उसकी किस्मत अभी भी उसे दगा दे रही थी। इतना इंतज़ार करने पर भी अभी तक किसी सलून या स्पा ने पसीने से भीगे बदबूदार कपड़ों के बदले ऐसे किसी भी ऑफर को देने की कोई योजना बाज़ार में नहीं उतारी थी। 

इंतज़ार करते करते यह उसकी आठवीं दोस्त थी, जिसने मर्चेन्ट नेवी के कारकुन से शादी करने के लिए सगाई कर ली थी। पिछली वाली सिंगापुर चली गयी। किसी सॉफ्टवेयर इंजीनियर के साथ। ख़ूबसूरत लड़कियाँ उसकी पासबुक में कहीं भी अट नहीं रहीं थी।

सच में यह उसके बहुत तंगी के दिन थे। अब उसने तय किया कि गोल मार्केट, मल्होत्रा जी के बहकावे में आकर मोबाइल में कोई भी इंटरनेट पैक नहीं डलवाया करेगा। तब न उसकी रातें हराम होंगी, न दिनभर भन्नाया घूमना पड़ेगा। कितना सुकून रहेगा। 

6 टिप्‍पणियां:

  1. बढ़िया कहानी है,
    शचीन्द्र आर्य जी मैं आपको बताना चाहता हूँ की गूगल ने हिंदी ब्लोग्गर्स को तोहफा दिया है, अब हिंदी ब्लोगर भी गूगल एडसेंस से गूगल के विज्ञापन दिखा कर कुछ आमदनी कर सकते है, आप भी इसका लाभ उठाये... ....

    धन्यवाद

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    1. @ नवज्योत जी आपने या जानकारी साझा की आपका धन्यवाद। वह मेल मुझे भी आया था। पर एक तो इतनी जटिलताओं से परिचित नहीं हूँ और न ही किसी विज्ञापन को अपनी साइट पर लगाने और उससे मौद्रिक लाभ के लिए आतुर हूँ। इसे किसी भी प्रायोजक भी ज़रूरत नहीं है, न इस जगह के लिए उसे ठीक मानता हूँ।

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    2. इसमें जटिलता जैसी कोई चीज़ नहीं है . ब्लॉग से कमाई तो हर कोई करना चाहता है . अगर आप कोशिश करेंगे तो सब आसान ही है , वैसे भी कई लेख आपको इस ब्लॉग जगत में एडसेंस के प्रयोग और उपयोग हेतु मिल जायेंगे वो भी हिंदी में . मैं तो यही चाहता हूँ की हिंदी के ब्लॉग का विकास हो, अगर ब्लॉगर को हिंदी ब्लॉग लिखने से कुछ आमदनी होती है तो उससे उसके लिखने की प्रेणना बढती है . और हिंदी का विकास भी 101% होता है .

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  2. मुझे आपका blog बहुत अच्छा लगा। मैं एक Social Worker हूं और Jkhealthworld.com के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य के बारे में जानकारियां देता हूं। मुझे लगता है कि आपको इस website को देखना चाहिए। यदि आपको यह website पसंद आये तो अपने blog पर इसे Link करें। क्योंकि यह जनकल्याण के लिए हैं।
    Health World in Hindi

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  3. मैं social work करता हूं और यदि आप मेरे कार्य को देखना चाहते है तो यहां पर click Health World in hindi करें। इसे share करे लोगों के कल्याण के लिए।

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    1. @ Vinay Singh & Harekrishna ji आप दोनों के आग्रह पर आपका कार्य देख लिया है। ऐसे ही अपने कार्य में संलग्न रहें। शुभकामनायें।

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